
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation, EPFO) अपने क्लेम सेटलमेंट और पेमेंट प्रोसेस को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसके तहत EPFO ने सेंट्रलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे 31 मार्च, 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संगठन ने इस बारे में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (Central Board of Trustees, CBT) की एग्जिक्युटिव कमिटी को विस्तार से जानकारी दी है।
CITES 2.01 से बेहतर होगा परफॉर्मेंस
EPFO ने एग्जिक्युटिव कमिटी को बताया कि वह एक सेंट्रलाइज्ड आईटी-इनेबल्ड सिस्टम (Centralized IT-Enabled System, CITES 2.01) पर काम कर रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत मौजूदा डीसेंट्रलाइज्ड डेटाबेस को हटाकर एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम लागू किया जाएगा। इस बदलाव से न केवल क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि पेमेंट सिस्टम को भी अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
संगठन ने बताया कि मौजूदा समय में फील्ड ऑफिस ऐप्लिकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है, जिसे हटाकर एक नया और अधिक उन्नत सिस्टम लाया जाएगा। इससे सर्विस डिलिवरी की गुणवत्ता में सुधार होगा और EPFO के सदस्यों को त्वरित सेवाएं मिलेंगी।
EPFO 3.0: आधुनिकीकरण की दिशा में कदम
EPFO 3.0 के तहत संगठन अपने सभी सिस्टम को आधुनिक तकनीकों के साथ अपडेट कर रहा है। इस प्रक्रिया के तहत नए सिस्टम विकसित किए जाएंगे, अत्याधुनिक तकनीक को अपनाया जाएगा और सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने के लिए आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
इस पहल के तहत EPFO अपने सदस्यों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल सुधारों को बढ़ावा देगा। एग्जिक्युटिव कमिटी ने इस पूरे प्लान को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने के लिए संगठन से 31 मार्च, 2025 तक एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने को कहा है।
112वीं बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
कर्मचारी भविष्य निधि (Employees’ Provident Fund, EPF) की एग्जिक्युटिव कमिटी की 112वीं बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक की अध्यक्षता श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव सुमिता डावरा ने की। बैठक में केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (CPFC) रमेश कृष्णमूर्ति समेत मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस दौरान यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (Unified Pension System, UPS), उच्च वेतन पर पेंशन (Pension on Higher Wages) सहित कई अन्य विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।
क्लेम प्रोसेसिंग होगी आसान
EPFO ने बताया कि क्लेम प्रोसेसिंग को और सरल बनाने के लिए कई तकनीकी सुधार किए जाएंगे। इसके लिए एडवांस विदड्रॉल प्रक्रिया के तहत फॉर्म 31 में वैलिडेशन को आसान बनाने की सिफारिश की गई है। तकनीकी कमिटी की सलाह के आधार पर EPFO इस दिशा में आवश्यक कदम उठा रहा है। यह सुधार संगठन में जारी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तहत ही किया जाएगा, जिससे सदस्यों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और अगले कदम
EPFO ने इस बैठक के दौरान डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। संगठन का उद्देश्य है कि क्लेम सेटलमेंट और पेंशन भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इसके अलावा, सदस्यों के लिए सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एग्जिक्युटिव कमिटी ने तय किया है कि एक महीने बाद फिर से बैठक होगी, जिसमें इन सुधारों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।