
सरकारी नौकरी की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ स्थिर वेतन नहीं, बल्कि उसमें मिलने वाले अलग-अलग Allowances यानी भत्ते होते हैं। ये भत्ते न केवल कर्मचारी की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाते हैं, बल्कि उन्हें बेहतर जीवन जीने में भी सहायता करते हैं। चाहे वो मंहगाई भत्ता हो या यात्रा भत्ता, मकान किराया हो या बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता, हर भत्ता एक विशेष उद्देश्य को पूरा करता है। यह लेख सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले सभी प्रमुख भत्तों की जानकारी देता है और साथ ही प्रत्येक भत्ते से जुड़ी विस्तृत जानकारी के आधिकारिक स्रोत भी प्रदान करता है।
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मंहगाई भत्ता- Dearness Allowance
Dearness Allowance यानी मंहगाई भत्ता हर सरकारी कर्मचारी को उसके मूल वेतन के अतिरिक्त दिया जाता है ताकि वह बढ़ती महंगाई के प्रभाव को झेल सके। यह भत्ता उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर हर छह महीने में संशोधित होता है और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी पेंशन के साथ मिलता है। यह भत्ता केंद्रीय और राज्य सरकार दोनों के कर्मचारियों को दिया जाता है और समय-समय पर इसे बढ़ाया जाता है।
मकान किराया भत्ता- HRA
House Rent Allowance (HRA) उन कर्मचारियों को दिया जाता है जो किराए के मकान में रहते हैं। यह भत्ता शहरों की श्रेणियों—X, Y और Z—के अनुसार निर्धारित होता है। X श्रेणी वाले मेट्रो शहरों में HRA मूल वेतन का 24%, Y श्रेणी में 16% और Z श्रेणी में 8% होता है। जिन कर्मचारियों के पास सरकारी आवास होता है, उन्हें यह भत्ता नहीं मिलता।
यात्रा भत्ता- Transport Allowance
Transport Allowance यानी यात्रा भत्ता कर्मचारियों के घर से कार्यस्थल तक के दैनिक यात्रा खर्च की पूर्ति के लिए दिया जाता है। 7वें वेतन आयोग के अनुसार, X श्रेणी के शहरों में पे लेवल 9 और उससे ऊपर के अधिकारियों को ₹7,200 + DA प्रति माह तक TA दिया जाता है, जबकि निचले पे लेवल वाले कर्मचारियों को ₹1,800 + DA मिलता है।
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शैक्षिक भत्ता- Children Education Allowance
सरकारी कर्मचारी को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए Children Education Allowance (CEA) दिया जाता है, जो प्रति बच्चा ₹2,250 प्रति माह है और अधिकतम दो बच्चों तक दिया जाता है। विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों के लिए यह राशि बढ़ा दी जाती है। स्कूल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने पर यह भत्ता आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
जोखिम और कठिनाई भत्ता- Risk & Hardship Allowance
ऐसे कर्मचारी जो दुर्गम, खतरनाक या कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं, उन्हें Risk and Hardship Allowance दिया जाता है। उदाहरण के लिए, टफ लोकेशन अलाउंस के तहत ₹5,300 प्रति माह तक का भत्ता दिया जा सकता है। यह भत्ता सीमा सुरक्षा बल, सेना, पर्वतीय या आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है।
रात्रि ड्यूटी भत्ता- Night Duty Allowance
रात्रि पाली में कार्य करने वाले कर्मचारियों को Night Duty Allowance दिया जाता है। यह भत्ता कर्मचारी की बेसिक पे और ड्यूटी घंटों के हिसाब से निर्धारित होता है और इसे विशेष श्रेणी के तकनीकी या रक्षा कर्मचारियों को दिया जाता है।
चिकित्सा भत्ता- Medical Allowance
Medical Allowance उन कर्मचारियों को मिलता है जो CGHS या किसी अन्य चिकित्सा सुविधा से पंजीकृत नहीं हैं। यह भत्ता आमतौर पर ₹1,000 प्रति माह तक होता है, जो नॉन-कैशलेस इलाज के लिए सहायक होता है। इसके अलावा, Central Government Health Scheme (CGHS) में शामिल कर्मचारियों को मुफ्त चिकित्सा सेवा मिलती है।
विशेष भत्ते- Special Allowances
कुछ भत्ते विशेष पदों या कार्यों से जुड़े होते हैं जैसे कि मेडिकल अधिकारियों को Non-Practicing Allowance (NPA) और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को Special Duty Allowance दिया जाता है। ये भत्ते नौकरी की प्रकृति और स्थान के अनुसार तय होते हैं और इनके लिए अलग-अलग मंत्रालयों के दिशानिर्देश होते हैं।
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