
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की पेंशन योजना, जो निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए है, वर्तमान में ₹1,000 प्रति माह के न्यूनतम पेंशन का प्रावधान करती है। लेकिन अब विभिन्न श्रमिक संगठन इस राशि को बढ़ाकर ₹9,000 करने की मांग कर रहे हैं, यह दावा करते हुए कि ₹1,000 का मासिक भुगतान आज के समय में जीवनयापन के लिए नाकाफी है। इन संगठनों का कहना है कि सरकार को EPFO पेंशन योजना की पुनरावलोकन करना चाहिए और इस राशि को पर्याप्त स्तर पर लाना चाहिए ताकि कर्मचारियों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
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श्रमिक संगठनों की 20 मई को हड़ताल
इस मुद्दे पर बात करते हुए श्रमिक संगठनों ने 20 मई को एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। इन संगठनों का दावा है कि सरकारी नीतियों के कारण मजदूरों की स्थिति बदतर हो रही है, और 20 मई को देशभर में हड़ताल की जाएगी। ये संगठन न केवल पेंशन राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, बल्कि श्रम संहिताओं को समाप्त करने, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण रोकने, और न्यूनतम मासिक वेतन को ₹26,000 करने जैसी अन्य मांगों का भी समर्थन कर रहे हैं।
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क्या सरकार का समर्थन मिलेगा?
वर्तमान में सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले पर सरकार जल्द कोई निर्णय ले सकती है। वहीं, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में EPFO 3.0 की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य डिजिटल माध्यम से बैंकिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करना है। ऐसे में श्रमिक संगठनों के द्वारा उठाए गए इस मुद्दे को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया और निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
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