
कर्मचारी भविष्य निधि (Employee Provident Fund – EPF) हर कर्मचारी के वेतन से एक तय प्रतिशत के रूप में कटता है, जो भविष्य के लिए बचत के रूप में कार्य करता है। हालांकि, कई बार जीवन में ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो जाती हैं जब व्यक्ति को इस जमा राशि की जरूरत पड़ती है। खासकर मेडिकल इमरजेंसी, शादी, घर खरीदने या बेरोजगारी की स्थिति में EPF से समय से पहले पैसा निकाला जा सकता है। यह सुविधा सरकार द्वारा दी गई एक अहम राहत है, जिससे कर्मचारी आर्थिक संकट के समय अपना बचाव कर सकता है।
EPF की इस निकासी प्रक्रिया को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि यह सुविधा किन परिस्थितियों में दी जाती है और इसके लिए क्या शर्तें होती हैं। EPF से इमरजेंसी निकासी के लिए कर्मचारी को एक निश्चित सेवा अवधि पूरी करनी होती है और निकासी की सीमा भी तय होती है।
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मेडिकल इमरजेंसी में EPF निकासी
अगर किसी कर्मचारी या उसके परिवार के सदस्य को गंभीर बीमारी होती है, तो EPF से निकासी की अनुमति दी जाती है। इसमें कर्मचारी अपनी मूल सैलरी के छह गुना तक की राशि या EPF खाते में जमा अपनी हिस्सेदारी और उस पर मिले ब्याज की राशि (जो भी कम हो) निकाल सकता है। यह सुविधा अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी, कैंसर, हार्ट अटैक, किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए दी जाती है।
शादी के लिए PF से पैसा निकालने की प्रक्रिया
EPF से निकासी की अनुमति शादी के खर्चों के लिए भी दी जाती है। यह सुविधा कर्मचारी अपनी शादी, अपने बच्चों या भाई-बहन की शादी के लिए ले सकता है। इसके लिए जरूरी है कि कर्मचारी ने कम से कम सात साल की सेवा पूरी कर ली हो। इस स्थिति में कर्मचारी अपने जमा योगदान का 50% तक निकाल सकता है।
उच्च शिक्षा के लिए EPF निकासी
अगर कर्मचारी अपने या अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पैसे की जरूरत महसूस करता है, तो वह EPF खाते से धन निकाल सकता है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कर्मचारी को कम से कम सात साल की सेवा पूरी करनी होगी। EPF निकासी की सीमा कर्मचारी के स्वयं के योगदान का 50% तक होती है। इस राशि का उपयोग किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी में शिक्षा प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।
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घर खरीदने या बनाने के लिए PF निकासी
कर्मचारी अगर अपने लिए घर खरीदने या निर्माण करने की योजना बना रहा है, तो वह EPF से धन निकाल सकता है। इस निकासी की अनुमति तभी मिलती है जब कर्मचारी ने कम से कम पांच साल की सेवा पूरी कर ली हो। निकासी की सीमा कर्मचारी की मासिक सैलरी के 24 से 36 गुना तक हो सकती है, या फिर संपत्ति की कुल लागत (जो भी कम हो) तक सीमित होती है।
बेरोजगारी की स्थिति में EPF से निकासी
अगर कोई कर्मचारी किसी कारणवश अपनी नौकरी खो देता है और उसे एक महीने तक कोई नया रोजगार नहीं मिलता है, तो वह अपने EPF खाते से 75% तक की राशि निकाल सकता है। यदि बेरोजगारी की अवधि दो महीने से अधिक हो जाती है, तो वह शेष 25% राशि भी निकाल सकता है। हालांकि, यह निकासी तभी संभव है जब कर्मचारी ने पहले अपनी UAN (Universal Account Number) को आधार से लिंक किया हो और बैंक खाता विवरण अपडेट किया हो।
EPF से निकासी की प्रक्रिया
EPF से निकासी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से की जा सकती है। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत कर्मचारी को EPFO के सदस्य पोर्टल पर लॉग इन करना होता है। वहां ‘ऑनलाइन सेवाएँ’ सेक्शन में जाकर ‘क्लेम (फॉर्म-31, 19 और 10सी)’ विकल्प चुनना होता है। इसके बाद बैंक विवरण की पुष्टि करके निकासी का कारण चुनना होता है।
ऑफलाइन निकासी के लिए कर्मचारी को नजदीकी EPFO कार्यालय जाना होगा और कंपोज़िट क्लेम फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। इसमें पहचान प्रमाण, बैंक विवरण और नियोक्ता का सत्यापन आवश्यक होता है। निकासी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि कर्मचारी के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
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