
बिहार सरकार ने स्थानीय नगर निकाय कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया है। इस फैसले से कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
1 अप्रैल 2017 से लागू, मिलेगा 90 महीने का एरियर
सरकार ने इस फैसले को 1 अप्रैल 2017 से प्रभावी माना है। इसका अर्थ है कि कर्मचारियों को 90 महीने का एरियर मिलेगा। इस एरियर की राशि लाखों रुपये तक पहुंच सकती है, जो सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
संविदा शिक्षकों और पेंशनभोगियों को भी लाभ
कैबिनेट ने केवल नगर निकाय कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि 3.65 लाख सरकारी कर्मचारियों, 6 लाख पेंशनभोगियों और 3.6 लाख संविदा शिक्षकों को भी वेतन संशोधन का लाभ देने की घोषणा की है। इससे राज्यभर के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
राज्य के खजाने पर 5,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ
सरकार के इस फैसले से राज्य पर 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। बावजूद इसके, कर्मचारियों को लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन का लाभ दिलाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाई गई
सरकार ने कर्मचारियों की सुविधा के लिए ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
कर्मचारियों में उत्साह और राहत
इस फैसले के बाद राज्य के कर्मचारियों और शिक्षकों में जबरदस्त उत्साह है। लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने से उन्हें आर्थिक स्थिरता और मानसिक राहत मिलेगी। सरकार ने संकेत दिया है कि एरियर की राशि जल्द से जल्द खातों में भेजी जाएगी।