
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने मौजूदा यूजर्स के लिए PF अकाउंट से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। EPFO के इस बदलाव के तहत अब प्रोफाइल अपडेट या सुधार करना अधिक संगठित और प्रक्रिया-संवेदनशील हो गया है। नई गाइडलाइन, SOP वर्जन 3.0, को लागू करते हुए प्रोफाइल अपडेट की प्रक्रिया को दो श्रेणियों में बांटा गया है।
प्रोफाइल अपडेट के लिए SOP वर्जन 3.0
EPFO ने यूजर्स की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए SOP वर्जन 3.0 की शुरुआत की है। नए नियम के तहत यदि आप अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) प्रोफाइल में कोई सुधार या अपडेट करना चाहते हैं, तो इसके लिए दस्तावेज पेश करना अनिवार्य होगा। साथ ही, एक डिक्लेयरेशन देकर बदलाव के लिए आवेदन करना होगा।
EPFO की ओर से बताया गया कि अक्सर यूजर्स की ओर से गलतियां हो जाती हैं, जिसके कारण उन्हें डेटा अपडेट करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं को कम करने के लिए नई गाइडलाइन तैयार की गई है।
बदलाव की श्रेणियां: मेजर और माइनर
नई गाइडलाइन के अनुसार, प्रोफाइल अपडेट के लिए बदलाव को दो श्रेणियों में बांटा गया है:
- माइनर बदलाव: इसमें छोटी-मोटी गलतियों को सुधारा जाएगा। इसके लिए यूजर्स को डिक्लेयरेशन के साथ-साथ कम से कम दो संबंधित दस्तावेज जमा करने होंगे।
- मेजर बदलाव: इसमें बड़े सुधार शामिल हैं, जैसे नाम या जन्म तिथि में बदलाव। इसके लिए यूजर्स को कम से कम तीन जरूरी संबंधित दस्तावेज पेश करने होंगे।
क्यों लाए गए नए नियम?
EPFO का मानना है कि डेटा अपडेट प्रक्रिया में कई यूजर्स को तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। नई गाइडलाइन का उद्देश्य प्रोफाइल अपडेट की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद बनाना है। यह गाइडलाइन कर्मचारियों के लिए एक संगठित ढांचा प्रदान करती है, जिससे वे बिना किसी समस्या के अपने पीएफ अकाउंट को अपडेट कर सकते हैं।