
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा (EDLI) योजना में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे लाखों कर्मचारियों को नौकरी के पहले साल से ही इंश्योरेंस (Insurance) लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। पहले जहां एक साल की सेवा पूरी होने के बाद ही इंश्योरेंस कवर मिलता था, अब इस अवधि की अनिवार्यता को हटा दिया गया है। इससे उन कर्मचारियों के परिवारों को भी आर्थिक सुरक्षा मिलेगी जो किसी कारणवश सेवा की शुरुआत में ही असमय निधन का शिकार हो जाते हैं।
नए बदलाव के तहत, यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु नौकरी के पहले साल में होती है, तो उसके परिवार को कम से कम ₹50,000 का इंश्योरेंस कवर मिलेगा। यह लाभ अब सेवा की अवधि की बाध्यता के बिना भी मिलेगा, जिससे हजारों कर्मचारियों के परिजनों को राहत मिलेगी। आंकड़ों के अनुसार, इस संशोधन से हर साल करीब 5,000 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
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नौकरी छोड़ने के बाद भी मिलेगा इंश्योरेंस कवर
EPFO ने इस योजना को और व्यापक बनाने के लिए एक और अहम बदलाव किया है। अब यदि कोई कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ देता है और उसके छह महीने के भीतर उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को भी इंश्योरेंस राशि दी जाएगी। पहले इस अवधि के बाद बीमा कवर समाप्त हो जाता था, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत इस स्थिति में भी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। हर साल इस बदलाव से करीब 14,000 परिवारों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
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दो नौकरियों के बीच भी इंश्योरेंस कवर
पहले, यदि दो नौकरियों के बीच एक दिन का भी गैप होता था, तो कर्मचारी अपने इंश्योरेंस लाभ से वंचित हो सकता था। लेकिन अब EPFO ने इस नियम में संशोधन किया है। अब यदि दो नौकरियों के बीच अधिकतम दो महीने का अंतराल है, तो भी कर्मचारी के परिवार को EDLI योजना का लाभ मिलेगा। इस महत्वपूर्ण सुधार से हर साल लगभग 1,000 कर्मचारियों के परिवारों को मदद मिलने की उम्मीद है।
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EPF ब्याज दरें बरकरार
इसके अलावा, EPFO ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर 8.25% की ब्याज दर बनाए रखने का फैसला किया है। यह दर पिछले साल की दर के समान है, जिससे कर्मचारियों की जमा राशि पर मिलने वाले रिटर्न में कोई कमी नहीं होगी। यह निर्णय EPFO के बोर्ड द्वारा लिया गया, जिससे करोड़ों कर्मचारियों की बचत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।