
केन्द्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की घोषणा के बाद लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को इसका इंतजार है। सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होने जा रहा है, जिसके चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। यदि किसी कारणवश इसे लागू करने में विलंब होता है, तो सरकार बढ़े हुए वेतन और पेंशन की राशि को एरियर के रूप में देगी। इससे लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया अप्रैल 2025 से होगी प्रारंभ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) अप्रैल 2025 से 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू करेगा। इस संदर्भ में ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (Joint Consultative Machinery – JCM) के शिव गोपाल मिश्रा का कहना है कि आयोग का गठन 15 फरवरी 2026 तक हो सकता है और 30 नवंबर 2026 तक इसकी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद सरकार इसकी समीक्षा कर जनवरी 2026 से इसे लागू कर सकती है।
8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी और पेंशन में कितनी होगी वृद्धि?
विभिन्न रिपोर्ट्स की मानें तो फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) 2.28 से बढ़ाकर 2.86 किया जा सकता है, जिससे बेसिक सैलरी (Basic Salary) में 40-50% तक की वृद्धि संभव है। उदाहरण के तौर पर:
- यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा सैलरी 20,000 रुपये है, तो नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद यह 46,600 रुपये से 57,200 रुपये तक हो सकती है।
- न्यूनतम बेसिक सैलरी (Minimum Basic Salary) बढ़कर 40,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
- यदि फिटमेंट फैक्टर 2.0 पर सेट किया जाता है, तो न्यूनतम मूल वेतन 36,000 रुपये तक बढ़ सकता है।
- 2.08 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर न्यूनतम वेतन 37,440 रुपये हो सकता है, जो 108% की वृद्धि को दर्शाता है।
- पेंशनरों की न्यूनतम पेंशन (Minimum Pension) भी बढ़कर 18,720 रुपये हो सकती है।
कर्मचारी संघ (NC-JCM) की मांगें
नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन में समान वृद्धि की मांग की है। उनका कहना है कि सभी वेतन बैंड्स में एक समान फिटमेंट फैक्टर लागू होना चाहिए, ताकि किसी भी कर्मचारी को वेतन असमानता का सामना न करना पड़े।
सातवें वेतन आयोग के दौरान:
- सैलरी बैंड 1 में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था।
- टॉप लेवल सैलरी संशोधन के लिए 2.81 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया गया था।
8वें वेतन आयोग के लागू होने के फायदे
- सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय वृद्धि
- भत्तों (Allowances) में भी होगा सुधार
- इन्फ्लेशन (Inflation) को ध्यान में रखते हुए वेतन संशोधन
- कर्मचारियों को बेहतर जीवन स्तर
- परफॉर्मेंस-बेस्ड बोनस (Performance-Based Bonus) की संभावना