
8वें वेतन आयोग यानी 8th Central Pay Commission को लेकर सरकारी कर्मचारियों के बीच एक बार फिर से उत्साह का माहौल बन गया है। केंद्र सरकार द्वारा इसकी घोषणा के बाद अब 23 अप्रैल 2025 को होने वाली नेशनल काउंसिल (NC-JCM) की स्थायी समिति की बैठक में इस मुद्दे पर निर्णायक चर्चा की संभावना जताई जा रही है। यह बैठक सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और पेंशन से जुड़ी दिशा तय कर सकती है।
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जनवरी 2025 में हुई 8वें वेतन आयोग की घोषणा
जनवरी 2025 में केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा करते हुए संकेत दिए थे कि आयोग का काम वित्त वर्ष 2025-26 में शुरू हो सकता है। अब जब 23 अप्रैल की बैठक नजदीक है, कर्मचारियों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आयोग के लिए Terms of Reference यानी कार्यादेश को मंजूरी मिलेगी। इसके जरिए तय होगा कि आयोग किन पहलुओं पर काम करेगा—न्यूनतम वेतन, महंगाई भत्ता, पेंशन संशोधन और Allowance स्ट्रक्चर इसके प्रमुख हिस्से हो सकते हैं।
पिछली बैठक में उठी थीं कर्मचारियों की अहम मांगें
10 फरवरी 2025 को हुई पिछली बैठक में स्टाफ साइड ने जोरदार ढंग से मांग रखी कि न्यूनतम वेतन निर्धारण में परिवार का आकार तीन से बढ़ाकर पांच किया जाए। उनका कहना था कि आज के समय में कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं, इसलिए ‘Living Wage’ की परिभाषा को अधिक समावेशी बनाया जाए। इसके अलावा, कर्मचारियों ने समयबद्ध वेतन संशोधन और फिटमेंट फैक्टर में बदलाव की मांग भी रखी थी।
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वित्त मंत्रालय के सचिव ने दिया बड़ा संकेत
वित्त मंत्रालय के व्यय सचिव मनोज गोविल ने मार्च 2025 में जानकारी दी कि 8वें वेतन आयोग का कार्य अप्रैल से शुरू हो सकता है, लेकिन इसकी सिफारिशें वित्त वर्ष 2026-27 से पहले लागू होती नहीं दिख रहीं। यानी अगर सब कुछ समय पर होता है, तो भी नए वेतनमान का असर जनवरी 2026 से पहले नहीं पड़ेगा। इसका अर्थ है कि कर्मचारियों को कुछ और समय इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन दिशा सही है।
राज्य सरकारों में भी हलचल, त्रिपुरा सबसे आगे
जहां केंद्र सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग को लेकर स्पष्टता आ रही है, वहीं राज्य सरकारें भी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही हैं। त्रिपुरा के वित्त मंत्री प्रणजीत सिंह रॉय ने विधानसभा में साफ किया कि राज्य भी अपने कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग जैसी संरचना लागू करने पर विचार कर रहा है। हालांकि अंतिम फैसला लेना अभी बाकी है, लेकिन यह संकेत निश्चित रूप से सकारात्मक हैं।
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