
त्रिपुरा सरकार ने अपने कर्मचारियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance-DA) में 3% की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस वृद्धि के बाद राज्य सरकार के कर्मचारियों को अब 33% DA मिलेगा, जो पहले 30% था। यह संशोधन 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने यह घोषणा राज्य विधानसभा में करते हुए स्पष्ट किया कि इस निर्णय से सरकार पर सालाना 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
मुख्यमंत्री माणिक साहा का बयान
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए DA में यह बढ़ोतरी कर रही है। उन्होंने कहा, “हम केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच DA के अंतर को धीरे-धीरे कम करना चाहते हैं।” इस बयान से यह साफ है कि त्रिपुरा सरकार अपने कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान लाभ देने के प्रयास में है।
दूसरे राज्यों की स्थिति
त्रिपुरा से पहले छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों ने भी अपने कर्मचारियों के DA में इज़ाफा किया है। इन राज्यों की घोषणाएं बताती हैं कि राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं। यह बदलाव महंगाई के प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय कर्मचारियों की प्रतीक्षा
जहां राज्यों में महंगाई भत्ते को लेकर घोषणाएं हो रही हैं, वहीं केंद्रीय कर्मचारी अब भी DA और महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) में संभावित बढ़ोतरी का इंतज़ार कर रहे हैं। यह वृद्धि जनवरी से जून 2025 की छमाही के लिए होनी है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई घोषणा नहीं हुई है। आमतौर पर यह भत्ता साल में दो बार संशोधित किया जाता है और यह कर्मचारी के मूल वेतन से सीधे जुड़ा होता है।
संभावित बढ़ोतरी और AICPI डेटा
जानकारों की मानें तो इस बार केंद्रीय कर्मचारियों के DA में 2% की वृद्धि हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो वर्तमान 53% DA बढ़कर 55% हो जाएगा। यह वृद्धि AICPI (All India Consumer Price Index) के जुलाई-दिसंबर 2024 के आंकड़ों पर आधारित होगी। हालांकि, कर्मचारियों को होली से पहले इस संबंध में घोषणा की उम्मीद थी, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है।