
Special Allowance एक ऐसा अतिरिक्त भत्ता है जो विशेष परिस्थितियों, कठिन कार्य स्थितियों या विशिष्ट जिम्मेदारियों को निभाने वाले सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है। यह भत्ता मूल वेतन के अलावा दिया जाता है और इसका उद्देश्य कर्मचारियों की अतिरिक्त मेहनत, जोखिम या विशेषज्ञता को पहचान देना होता है। यह भत्ता सभी कर्मचारियों को नहीं बल्कि केवल योग्य और निर्धारित पदों को ही मिलता है।
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किसे मिलता है Special Allowance
यह भत्ता आमतौर पर उन कर्मचारियों को दिया जाता है जो अत्यधिक संवेदनशील, जोखिमपूर्ण या तकनीकी कार्यों में संलग्न होते हैं। जैसे पुलिस विभाग के कर्मी, खदानों में कार्यरत कर्मचारी, अग्निशमन सेवा के अधिकारी, वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में अनुसंधान करने वाले प्रोफेशनल्स और अन्य उच्च जोखिमी या विशिष्ट सेवा देने वाले पद। इसके अलावा कुछ प्रशासनिक पद जैसे सचिव स्तर के अधिकारी या अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे कर्मचारी भी इसके पात्र हो सकते हैं।
Special Allowance कब मिलता है
Special Allowance का भुगतान तब किया जाता है जब कर्मचारी किसी विशेष ड्यूटी या अतिरिक्त कार्य का निर्वहन कर रहा हो, जो उसकी मूल नियुक्ति से परे हो। उदाहरण के लिए, यदि किसी अधिकारी को विशेष जांच दल (Special Task Force) का प्रभार सौंपा जाता है, या किसी वैज्ञानिक को अनुसंधान परियोजना के तहत अतिरिक्त कार्य दिया जाता है, तो उस अवधि के लिए विशेष भत्ता निर्धारित किया जा सकता है। यह स्थायी या अस्थायी दोनों प्रकार का हो सकता है और संबंधित विभाग के आदेश पर निर्भर करता है।
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सरकारी नियम और विभागीय नीतियाँ
Special Allowance की पात्रता और राशि को लेकर हर विभाग के अपने नियम होते हैं। 7वें वेतन आयोग के तहत भी कुछ Allowances को विशेष मान्यता दी गई है, जिन्हें विशेष पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को देने की सिफारिश की गई थी। यह भत्ता Dearness Allowance या अन्य भत्तों की तरह स्वतः परिवर्तित नहीं होता बल्कि इसके लिए पृथक स्वीकृति की आवश्यकता होती है।
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