
जब आयकर विभाग की ओर से आपको ‘Outstanding Demand’ यानी बकाया मांग से जुड़ा ईमेल या नोटिस मिलता है, तो इसका अर्थ है कि आपके PAN कार्ड से जुड़े कर विवरण में कुछ गड़बड़ी या बाकी भुगतान दर्ज किया गया है। यह बकाया कई कारणों से हो सकता है, जैसे कि आपके आयकर रिटर्न (ITR) में हुई त्रुटियाँ, टीडीएस-TDS में किसी प्रकार की चूक, या फिर आपकी घोषित आय में विसंगतियाँ। इस स्थिति में घबराने की बजाय सही प्रक्रिया अपनाकर समय पर उत्तर देना बेहद ज़रूरी है।
बकाया मांग की पुष्टि कैसे करें
Income Tax Department द्वारा भेजे गए इस नोटिस की पुष्टि आप आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं। इसके लिए आपको www.incometax.gov.in पर जाकर अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स का उपयोग करते हुए पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। लॉगिन के बाद डैशबोर्ड में ‘Pending Actions’ टैब दिखाई देगा, जिसमें ‘Response to Outstanding Demand’ विकल्प को चुनना होगा। यहां आप मांग का पूरा विवरण देख सकते हैं, जैसे कि कितनी राशि बकाया है, किस वर्ष से संबंधित है और विभाग ने इसे क्यों उत्पन्न किया है।
बकाया मांग का समाधान कैसे करें
यदि आप मांग से सहमत हैं:
अगर आप आयकर विभाग द्वारा दर्शाई गई मांग से सहमत हैं और भुगतान नहीं किया है, तो ‘Pay Now’ बटन पर क्लिक करके ऑनलाइन टैक्स पेमेंट कर सकते हैं। वहीं, अगर आपने पहले ही यह राशि चुका दी है, तो आपको चालान की प्रति, BSR कोड, चालान नंबर और भुगतान की तारीख जैसे विवरण अपलोड करने होंगे ताकि विभाग को सूचना मिल सके कि भुगतान किया जा चुका है।
यदि आप मांग से असहमत हैं:
ऐसी स्थिति में आपको ‘Disagree with Demand’ विकल्प का चयन करना होगा। इसमें असहमति के विभिन्न कारण दिए जाते हैं, जिनमें से आप उपयुक्त कारण का चयन कर सकते हैं, जैसे कि:
- यह राशि पहले ही भुगतान की जा चुकी है
- मामला अपील में है और निर्णय लंबित है
- पुनरीक्षण या संशोधन के तहत मांग को कम कर दिया गया है
हर स्थिति में आपको समर्थन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे, जैसे चालान की स्कैन कॉपी, अपील की रसीद, आदेश पत्र आदि।
उत्तर देने की समयसीमा और पेनल्टी
Income Tax Act की धारा 156 के तहत, यदि आपने बकाया मांग का नोटिस प्राप्त किया है, तो आपको इसकी तिथि से 30 दिनों के भीतर इसका भुगतान करना होता है। अगर आप निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं करते हैं, तो विभाग आपको प्रति माह 1% की दर से ब्याज लगा सकता है। इसके अलावा, गंभीर मामलों में दंडात्मक कार्रवाई की संभावना भी हो सकती है।
व्यावहारिक सुझाव और मार्गदर्शन
- जैसे ही आपको बकाया मांग का नोटिस प्राप्त हो, उसे अनदेखा न करें।
- समय पर पोर्टल पर लॉगिन करके स्थिति की पुष्टि करें और उचित कार्रवाई करें।
- अगर प्रक्रिया में किसी प्रकार की जटिलता हो रही है, तो किसी अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स सलाहकार की मदद लेना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
- Income Tax India की वेबसाइट पर मौजूद ‘Respond to Outstanding Demand’ अनुभाग में विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।