Section 143(1)(a) का नोटिस आया? Proposed Adjustment को ऐसे करें समझ और समाधान

Income Tax Notice u/s 143(1)(a) रिटर्न फाइल करने के बाद टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के आधार पर भेजा जाता है। यह नोटिस संभावित एडजस्टमेंट की जानकारी देता है, जिसमें टैक्सपेयर को जवाब देने और सुधार का अवसर मिलता है। इसमें गलत दावा, गणनात्मक त्रुटि या TDS मेल न खाने जैसी स्थितियां शामिल होती हैं। इस लेख में पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है।

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Written by Rohit Kumar

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Section 143(1)(a) का नोटिस आया? Proposed Adjustment को ऐसे करें समझ और समाधान
Proposed Adjustment

Income Tax Department जब भी कोई टैक्सपेयर अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है, तो उस रिटर्न में दिए गए डिटेल्स को वेरिफाई करता है। अगर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अंतर पाया जाता है, तो विभाग उस टैक्सपेयर को नोटिस जारी करता है। इस प्रक्रिया की शुरुआत सेक्शन 143(1)(a) के अंतर्गत भेजे जाने वाले एक प्रारंभिक नोटिस से होती है, जिसमें बताया जाता है कि रिटर्न में कौन-कौन से संभावित बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं।

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ये नोटिस फाइल किए गए ITR की इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेसिंग के दौरान Centralized Processing Center, Bengaluru द्वारा जारी किया जाता है। इसे अंतिम असेसमेंट नहीं माना जाता बल्कि यह एक प्रारंभिक संवाद होता है जिससे टैक्सपेयर को जवाब देने का अवसर मिलता है।

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Section 143(1)(a) Notice: किन परिस्थितियों में भेजा जाता है

Section 143(1)(a) का नोटिस कई वजहों से जारी किया जा सकता है, जैसे कि:

आईटीआर में गणनात्मक त्रुटि-Arithmetical Error,
गलत दावा-Incorrect Claim,
समय पर ITR फाइल न करने पर लॉस का डिसएलावेंस,
अनुचित खर्चों का दावा,
गलत डिडक्शन क्लेम,
या Form 26AS, Form 16, या Form 16A से मेल न खाने वाला इनकम डाटा।

Notice u/s 143(1)(a)(i): गणनात्मक त्रुटि

जब टैक्स रिटर्न में गणना से जुड़ी कोई गलती होती है, जैसे कि कुल आय या टैक्स की गलत कैलकुलेशन, तो विभाग 143(1)(a)(i) के तहत नोटिस जारी करता है।

Notice u/s 143(1)(a)(ii): गलत दावा

अगर रिटर्न में किसी सेक्शन के तहत सीमा से अधिक डिडक्शन क्लेम किया गया है या फॉर्म की विभिन्न हिस्सों में जानकारी मेल नहीं खा रही है, तो यह नोटिस जारी किया जाता है।

Notice u/s 143(1)(a)(iii): लॉस का डिसएलावेंस

यदि टैक्सपेयर ने रिटर्न लेट फाइल किया है और फिर भी लॉस क्लेम कर रहा है, तो ऐसे मामलों में यह नोटिस भेजा जाता है।

Notice u/s 143(1)(a)(iv): अनुचित खर्चों का दावा

अगर ऑडिट रिपोर्ट में कुछ खर्चों को डिसएलाव किया गया है और फिर भी टैक्सपेयर ने उन्हें क्लेम किया है, तो यह नोटिस जारी होता है।

Notice u/s 143(1)(a)(v): गलत डिडक्शन

कुछ विशेष डिडक्शन जैसे कि सेक्शन 10AA या सेक्शन 80H से 80RRB के अंतर्गत, अगर ITR समय सीमा के बाद फाइल की गई हो, तो इनका दावा अमान्य हो जाता है। ऐसे मामलों में नोटिस भेजा जाता है।

Notice u/s 143(1)(a)(vi): TDS या इनकम डिटेल्स में अंतर

जब टैक्सपेयर द्वारा रिपोर्ट की गई इनकम, फॉर्म 26AS या Form 16 की जानकारी से मेल नहीं खाती, तो इस नोटिस के तहत अंतर स्पष्ट किया जाता है। यह डिफरेंस सैलरी, बिजनेस इनकम या अन्य स्रोतों में हो सकता है।

Notice u/s 143(1)(a) का टाइम फ्रेम

यह नोटिस वित्त वर्ष के अंत से 9 महीने के भीतर भेजा जा सकता है, जिसमें टैक्सपेयर ने रिटर्न फाइल किया है। उदाहरण के लिए, अगर रिटर्न 25 जुलाई 2023 को फाइल किया गया है, तो नोटिस 31 दिसंबर 2024 तक आ सकता है।

नोटिस का जवाब देने की समयसीमा

अगर आपने 143(1)(a) के तहत नोटिस प्राप्त किया है, तो आपको 30 दिनों के भीतर उसका जवाब देना अनिवार्य होता है। आप तीन तरीकों से जवाब दे सकते हैं:

  1. अगर आप सहमत हैं तो प्रस्तावित बदलाव स्वीकार करें,
  2. असहमति हो तो कारणों सहित स्पष्टीकरण दें,
  3. आंशिक सहमति होने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।

इन सभी मामलों में सेक्शन 139(5) के तहत संशोधित रिटर्न फाइल करने का विकल्प रहता है।

कैसे दें नोटिस का जवाब

  • ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें,
  • Pending Actions > e-Proceedings पर जाएं,
  • Notice देखें और डाउनलोड करें,
  • Respond to Notice विकल्प चुनें,
  • Prima Facie Adjustments के अनुसार जवाब दें,
  • सभी वेरिएंसेस पर जवाब देने के बाद, e-Verify करें।

यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है और टैक्सपेयर को सुधार करने का पूरा मौका दिया जाता है ताकि किसी भी अनजाने टैक्स डिफरेंस को समय रहते सही किया जा सके।

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