
12 घंटे की ड्यूटी, अथक मेहनत और जिम्मेदारी से भरे दायित्वों के बावजूद यह कहना गलत नहीं होगा कि सरकारी अफसरों की इनकम प्राइवेट सेक्टर से किसी भी मायने में कम नहीं है। जहां एक ओर लोग प्राइवेट सेक्टर की बड़ी सैलरी से आकर्षित होते हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी नौकरी में मिलने वाली स्थिरता, भत्ते और अन्य सुविधाएं उसे पूरी तरह से टक्कर देती हैं। इस लेख में हम आपको दिखाएंगे कि किस तरह एक सरकारी अफसर की सैलरी स्ट्रक्चर वास्तव में काफी प्रतिस्पर्धात्मक है।
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बेसिक पे से शुरू होती है इनकम की गणना
सरकारी अफसरों की इनकम का पहला और सबसे अहम हिस्सा होता है उनका मूल वेतन (Basic Pay)। उदाहरण के तौर पर एक नया IAS अधिकारी 7वें वेतन आयोग के अनुसार ₹56,100 प्रतिमाह बेसिक पे पर नियुक्त होता है। जैसे-जैसे अनुभव और पद में बढ़ोत्तरी होती है, यह वेतन ₹2,50,000 प्रतिमाह तक पहुंच सकता है।
महंगाई भत्ते से बढ़ती है कुल आय
मूल वेतन के अलावा सरकार महंगाई के बढ़ते स्तर को ध्यान में रखते हुए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) देती है। फिलहाल यह 38% है और इसे समय-समय पर संशोधित किया जाता है। इस भत्ते का मकसद सरकारी कर्मचारियों की खरीदने की क्षमता को बनाए रखना है।
HRA और TA से मिलती है राहत
यदि किसी सरकारी अफसर को सरकारी आवास नहीं मिलता है, तो उसे मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance – HRA) दिया जाता है, जो शहर की श्रेणी के अनुसार 8% से 24% तक होता है। इसके साथ-साथ यात्रा भत्ता (Travel Allowance – TA) भी दिया जाता है, जो दैनिक यात्रा व्यय को कवर करता है।
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कुल इनकम का एक अनुमानित ब्रेकडाउन
यदि हम एक नए IAS अधिकारी की कुल मासिक सैलरी का अनुमान लगाएं, तो ₹56,100 के बेसिक पे पर लगभग ₹21,300 DA, ₹13,464 HRA (यदि 24% मानें) और ₹3,200 TA मिलाकर कुल वेतन ₹94,000 से अधिक बैठता है। कुछ भत्ते टैक्स फ्री होते हैं, जिससे वास्तविक इनहैंड सैलरी और भी प्रभावी हो जाती है।
प्राइवेट सेक्टर से तुलना में सरकारी नौकरी का मुक़ाबला
यह कहना गलत होगा कि सिर्फ प्राइवेट सेक्टर में ही हाई इनकम मिलती है। सरकारी नौकरियों में भी स्थिरता के साथ-साथ पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, सरकारी आवास, वाहन और स्टाफ सुविधा, जैसे फायदे मिलते हैं, जो सीधे तौर पर इनकम में नहीं गिने जाते लेकिन उसकी वैल्यू को कई गुना बढ़ा देते हैं। जबकि प्राइवेट सेक्टर में अक्सर नौकरी की सुरक्षा और स्थायित्व का अभाव रहता है।
सेवा की भावना और सम्मान भी है बड़ी कमाई
सरकारी अफसरों को सिर्फ पैसे के लिए नहीं जाना जाता, बल्कि उनके पास सामाजिक प्रतिष्ठा (Social Prestige) और सेवा की भावना होती है। पब्लिक पॉलिसी और ग्राउंड लेवल पर काम करने का जो एक्सपोजर उन्हें मिलता है, वह किसी भी कॉर्पोरेट जॉब में संभव नहीं है।
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