EPF कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू – अब PF में ये बड़ा बदलाव होगा

EPFO ने 2025 में PF ट्रांसफर, प्रोफाइल अपडेट, पेंशन सिस्टम और Higher Pension से जुड़े कई बदलाव किए हैं। अब ऑनलाइन प्रोसेस पहले से आसान और तेज हो गया है। CPPS के जरिए पेंशन किसी भी बैंक में सीधे मिलेगी और Aadhaar-verified सदस्यों को प्रोफाइल अपडेट के लिए दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। ये कदम EPFO की पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने की दिशा में अहम साबित होंगे।

rohit

Written by Rohit Kumar

Published on

EPF कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू – अब PF में ये बड़ा बदलाव होगा
Changes in PF rules

EPFO-ईपीएफओ ने 2025 में अपने सदस्यों की सेवा को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। इनमें PF ट्रांसफर प्रक्रिया को आसान बनाना, सदस्य प्रोफाइल अपडेट की सुविधा ऑनलाइन करना, जॉइंट डिक्लेरेशन को सरल बनाना, सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) लागू करना और Higher Pension नियमों को स्पष्ट करना शामिल है। ये सभी कदम ईपीएफओ के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता के प्रति संकल्प को दर्शाते हैं।

हमारे व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp

PF ट्रांसफर अब बिना नियोक्ता के मंजूरी के भी संभव

ईपीएफओ ने PF ट्रांसफर की प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा सहज बना दिया है। अब बहुत से मामलों में ऑनलाइन PF ट्रांसफर के लिए पुराने या वर्तमान नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत नहीं है। इस बदलाव से नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को अपने PF खाते को नए नियोक्ता के साथ जोड़ना पहले से कहीं आसान हो गया है। EPFO का यह कदम डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने और सदस्य अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

हमारे व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp

EPFO सदस्य प्रोफाइल अपडेट प्रक्रिया अब Aadhaar आधारित

Universal Account Number (UAN) को Aadhaar से सत्यापित कराने वाले EPFO सदस्य अब अपने व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम, जन्मतिथि, लिंग, नागरिकता, माता-पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति, पति/पत्नी का नाम, नियुक्ति और निष्कासन की तिथि आदि को ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं। इसके लिए अब दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते आपका UAN 1 अक्टूबर 2017 के बाद जारी हुआ हो। पुराने मामलों में केवल नियोक्ता की मंजूरी जरूरी होगी। यह सुविधा EPFO की डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देती है और डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करती है।

जॉइंट डिक्लेरेशन प्रक्रिया में हुआ बड़ा सुधार

31 जुलाई 2024 को जारी SOP Version 3.0 को हटाकर EPFO ने जॉइंट डिक्लेरेशन प्रक्रिया को और सरल बनाया है। अब दस्तावेजों की श्रेणीकरण, जमा करने की विधि, और नियोक्ता व सदस्य के कर्तव्यों को स्पष्ट किया गया है। नई प्रक्रिया से सदस्य और नियोक्ता दोनों के लिए आवेदन करना आसान हो गया है और प्रक्रिया में देरी की संभावना घट गई है।

सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) लागू

1 जनवरी 2025 से EPFO ने Centralized Pension Payment System (CPPS) को लागू कर दिया है। इसके अंतर्गत पेंशन का भुगतान National Payments Corporation of India (NPCI) के माध्यम से सीधे किसी भी बैंक और उसकी किसी भी शाखा में किया जा सकता है। अब पेंशनभोगियों को बैंकिंग क्षेत्र के अनुसार PPO ट्रांसफर की जरूरत नहीं होगी। CPPS के अंतर्गत सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को सक्षम किया गया है और दावे उसी कार्यालय द्वारा संसाधित होंगे जहां वे जमा हुए हैं।

Higher Pension को लेकर नई स्पष्टता

Employees’ Pension Scheme (EPS) के तहत ज्यादा वेतन पर पेंशन पाने वालों के मामलों को लेकर EPFO ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी पेंशनर्स के साथ समानता रहे, ट्रस्ट नियमों का पालन हो (विशेषकर Exempted Establishments के मामले में), और बकाया राशि व मासिक पेंशन को अलग-अलग माना जाए। इन स्पष्टीकरणों का उद्देश्य सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में पारदर्शिता और एकरूपता बनाए रखना है।

हमारे Whatsaap चैनल से जुड़ें