8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार को 8th Pay Commission के गठन के लिए जून 2024 में दो अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।
वेतन आयोग का महत्व
भारत में सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के पुनर्निर्धारण के लिए केंद्र सरकार द्वारा हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन किया जाता है। वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों और अन्य लाभों की समीक्षा और सुधार की सिफारिश करता है। 7वें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में हुआ था और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गईं थीं।
वर्तमान स्थिति
सरकारी कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) की प्रतीक्षा है। मौजूदा समय में कर्मचारियों का डीए 50 फीसदी है, जिसे दूसरी छमाही के लिए 4 फीसदी बढ़ाकर 54 फीसदी किए जाने की संभावना है। इस बढ़ोतरी का ऐलान सितंबर या अक्टूबर में होने की संभावना है, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
अभ्यावेदन और उनकी प्रतिक्रिया
जैसा की हमने बताया की जून 2024 में सरकार को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के लिए दो अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। ये अभ्यावेदन यह दर्शाते हैं कि सरकारी कर्मचारी और उनके प्रतिनिधि अगले वेतन आयोग के गठन की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने अपनी तरफ से यह स्पष्ट कर दिया है की अभी वह इस प्रस्ताव पर किसी तरह का विचार नही कर रही है।
निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग के गठन के संबंध में अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन कर्मचारियों की मांग और अभ्यावेदन को देखते हुए, यह मुद्दा भविष्य में सरकार के एजेंडे में आ सकता है। सरकारी कर्मचारियों को अपने वेतन और भत्तों में सुधार की उम्मीद है और यह देखना बाकी है कि सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है।
सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए यह समय इंतजार और आशा का है, क्योंकि वेतन आयोग की सिफारिशें उनके जीवन स्तर को सीधे प्रभावित करती हैं। भविष्य में इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया और नीतिगत निर्णय पर नजर बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।