
सरकार ने हाल ही में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिससे लाखों सिंगल पुरुष सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलने वाली है। अब तक केवल महिला कर्मचारियों को ही बच्चों की देखभाल के लिए Child Care Leave (CCL) का अधिकार था, लेकिन अब यह सुविधा अविवाहित, विधुर और तलाकशुदा पुरुष कर्मचारियों को भी उपलब्ध होगी।
इस निर्णय का लाभ केंद्र सरकार के अधीन आने वाले सभी विभागों और संस्थाओं में कार्यरत पुरुष कर्मचारियों को मिलेगा, जो अपनी सेवा अवधि में बच्चों की देखभाल के लिए यह अवकाश लेना चाहते हैं।
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कितने दिनों की छुट्टी और किस तरह मिलेगा वेतन?
सरकारी आदेशों के अनुसार, Child Care Leave की कुल अवधि 730 दिन यानी 2 साल होगी, जो कि पूरे सेवा काल में दी जा सकती है। इस दौरान वेतन की स्थिति इस प्रकार होगी:
पहले 365 दिनों तक कर्मचारी को पूरा (100%) वेतन मिलेगा।
इसके बाद अगले 365 दिनों तक 80% वेतन दिया जाएगा।
यह सुविधा उसी स्थिति में दी जाएगी जब कर्मचारी के दो जीवित बच्चे हों और उनकी उम्र 18 साल से कम हो।
दिव्यांग बच्चों की देखभाल पर विशेष प्रावधान
यदि किसी कर्मचारी के बच्चे दिव्यांग (disabled) हैं और उनके पास 60 प्रतिशत से अधिक विकलांगता का प्रमाणपत्र है, तो 18 वर्ष की आयु सीमा लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में बच्चे की पूरी देखभाल की जिम्मेदारी कर्मचारी पर होने की स्थिति में छुट्टी प्रदान की जा सकती है, चाहे बच्चे की उम्र अधिक ही क्यों न हो।
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केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप संशोधन
यह बदलाव केंद्र सरकार की मौजूदा नीति के अनुरूप है, जिसमें पहले से ही महिला कर्मचारियों को यह सुविधा दी जा रही है। अब पुरुषों को भी समान अधिकार प्रदान कर दिया गया है, जो gender equality की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
हरियाणा सरकार ने भी 2022 में इसी प्रकार का निर्णय लिया था, जो अब पूरे देश में लागू किया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार परिवार और बच्चों की देखभाल के महत्व को समझती है, चाहे वह महिला कर्मचारी हो या पुरुष।
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