
सरकारी नौकरी-Government Job का नाम आते ही सबसे पहले जो बात जेहन में आती है वो है – स्थिरता और भरोसा। सिर्फ महीने की एक तय तनख्वाह ही नहीं, बल्कि वो संपूर्ण सुरक्षा मिलती है जो एक व्यक्ति को जीवन के हर पड़ाव पर आर्थिक रूप से निश्चिंत कर देती है। यही वजह है कि आज भी लाखों युवा सरकारी नौकरी को पहली पसंद मानते हैं, चाहे प्राइवेट सेक्टर में मौके अधिक क्यों न हों।
यह भी देखें: Children Education Allowance: कैसे करें क्लेम, कितनी मिलती है राशि? पूरी जानकारी यहां
वेतन में नियमितता और जोखिम से मुक्ति
सरकारी नौकरी की सबसे बड़ी विशेषता है इसका निश्चित वेतन, जो देश की किसी भी आर्थिक स्थिति में बिना रुके, बिना कटौती के हर महीने मिलता है। जबकि निजी कंपनियों में मंदी, छंटनी या बिजनेस घाटे का सीधा असर सैलरी पर पड़ता है, वहीं सरकारी कर्मचारी इन सब जोखिमों से पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
महंगाई भत्ता से बनती है बैलेंस इनकम
हर 6 महीने में महंगाई भत्ते में होने वाली बढ़ोतरी सरकारी नौकरी की सबसे मजबूत फाइनेंशियल खासियतों में से एक है। DA की यह व्यवस्था कर्मचारियों की आय को महंगाई के असर से बचाती है, जिससे वे हर परिस्थिति में अपनी क्रय शक्ति को बनाए रख पाते हैं। यह एक ऐसा अतिरिक्त लाभ है जो प्राइवेट सेक्टर में शायद ही मिलता हो।
यह भी देखें: 9000 रुपए की गारंटीड पेंशन! क्या प्राइवेट जॉब वालों को भी मिलेगा फायदा? EPFO से जुड़ी बड़ी खबर
पेंशन और रिटायरमेंट लाभ
सरकारी नौकरी से रिटायर होने के बाद भी आय का स्रोत बना रहता है। पुरानी पेंशन योजना के तहत मिलने वाली मासिक पेंशन हो या नई पेंशन स्कीम (NPS) में निवेश की गई राशि—दोनों ही व्यवस्था कर्मचारी को वृद्धावस्था में आर्थिक स्वतंत्रता देती हैं। इसके साथ ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और भविष्य निधि-Provident Fund जैसे लाभ, रिटायरमेंट के बाद एक सुरक्षित फंड तैयार करते हैं।
हेल्थ बेनिफिट्स और इंश्योरेंस सुरक्षा
सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार को मिलने वाली मेडिकल सुविधाएं सरकारी नौकरी की सबसे अहम विशेषताओं में शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य योजना-Central Government Health Scheme (CGHS) और राज्य स्तरीय योजनाएं परिवार के हर सदस्य को स्वास्थ्य संबंधी चिंता से मुक्त रखती हैं। इसके अलावा, जीवन बीमा और आकस्मिक बीमा जैसे लाभ भी शामिल रहते हैं।
लोन, छुट्टियां और अन्य भत्ते जो निजी क्षेत्र से बेहतर हैं
सरकारी कर्मचारियों को मकान निर्माण, शिक्षा या वाहन खरीदने के लिए कम ब्याज दरों पर लोन मिलता है। इसके अलावा, सवैतनिक अवकाश, मातृत्व और पितृत्व छुट्टी, LTC (लीव ट्रैवल कंसेशन) जैसी सुविधाएं जीवन को और भी सुविधाजनक बनाती हैं। ये लाभ प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में या तो सीमित होते हैं या पूरी तरह से अनुपस्थित।
यह भी देखें: DA एरियर की खुशखबरी! इस महीने की सैलरी में मिलेगा 3 महीने का बकाया एक साथ