
सरकारी नौकरी में सैलरी-संरचना (Salary Structure) कई घटकों से मिलकर बनती है—जिसमें बेसिक पे (Basic Pay), ग्रेड पे (Grade Pay), पे लेवल (Pay Level) और विभिन्न प्रकार के भत्ते (Allowances) शामिल होते हैं। सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) लागू होने के बाद इस संरचना में बड़ा बदलाव आया है और ग्रेड पे की जगह अब पे मैट्रिक्स प्रणाली अपनाई गई है।
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बेसिक पे और पे लेवल की भूमिका
बेसिक पे यानी मूल वेतन, किसी भी सरकारी कर्मचारी की तनख्वाह की नींव होती है। यह पद और पे लेवल पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी का प्रारंभिक बेसिक पे ₹56,100 प्रतिमाह होता है। इसके आधार पर ही अन्य भत्तों की गणना होती है। सातवें वेतन आयोग के तहत पे लेवल 1 से लेकर पे लेवल 18 तक के पद हैं, जिनमें वेतन ₹25,500 से शुरू होकर ₹2.5 लाख प्रतिमाह तक जा सकता है।
ग्रेड पे का क्या हुआ?
पहले सैलरी स्ट्रक्चर में ग्रेड पे एक अहम भूमिका निभाता था, लेकिन अब यह प्रणाली हटा दी गई है। ग्रेड पे के स्थान पर अब पे लेवल और इंडेक्स का उपयोग किया जाता है, जिससे पारदर्शिता और योग्यता आधारित वेतन वृद्धि सुनिश्चित होती है। हालांकि कुछ राज्य सरकारें अभी भी ग्रेड पे प्रणाली का पालन कर रही हैं।
सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले प्रमुख भत्ते
सरकारी नौकरी की सबसे बड़ी खासियत होती है इसमें मिलने वाले Allowances, जो वेतन को और आकर्षक बनाते हैं। इनमें महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA), मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance – HRA) और यात्रा भत्ता (Travel Allowance – TA) प्रमुख हैं। महंगाई भत्ता हर छह महीने में संशोधित होता है, जो महंगाई की दर को संतुलित करता है। HRA कर्मचारी के पोस्टिंग शहर की श्रेणी पर निर्भर करता है और यह बेसिक पे का 8% से लेकर 24% तक हो सकता है।
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सैलरी का एक उदाहरण
अगर आप कर्मचारी चयन आयोग यानी SSC CGL के ज़रिए चयनित होते हैं, तो पे लेवल के अनुसार आपकी सैलरी तय होती है। पे लेवल 8 में ₹47,600 से लेकर ₹1,51,100 तक, पे लेवल 7 में ₹44,900 से ₹1,42,400 तक सैलरी मिलती है। जबकि पे लेवल 4 में यह ₹25,500 से ₹81,100 तक हो सकती है। यह बेसिक पे और भत्तों को मिलाकर तय की जाती है।
IAS और अन्य उच्च सेवाओं की वेतन संरचना
IAS, IPS, IFS जैसी सेवाओं में वेतन का प्रारंभिक पैकेज सालाना ₹10 लाख के आसपास होता है। पोस्टिंग की लोकेशन, वरिष्ठता, और प्रोन्नति के साथ यह वेतन ₹25 लाख से ₹30 लाख प्रतिवर्ष तक जा सकता है। इसके साथ ही सरकारी आवास, वाहन, और अन्य सुविधाएं इसे और आकर्षक बना देती हैं।
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