EPFO का बड़ा कदम, ग्रुप इंश्‍योरेंस स्‍कीम कटौती बंद, क्या होगा असर?

EPFO ने ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम (GIS) के तहत कटौती बंद करने का बड़ा कदम उठाया है। जानिए, इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और वित्तीय स्थिति पर क्या असर होगा।"

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Written by Rohit Kumar

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी के EPFO के द्वारा यह घोषणा की है की 1 सितंबर २०13 के बाद सरकारी कर्मचारी के वेतन ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम के अंतर्गत की जाने वाली कटौती को बंद कर दिया जाएगा। EPFO के द्वारा 21 जून को एक सर्कुलर जारी किया गया जिसके जरिए EPFO के द्वारा यह जानकारी बताई गई। इस बदलाव की मदद से इन कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होगी। सितंबर 2013 से अब तक की गई कटौती की राशि भी वापस मिलेगी। आप सभी को यह जानकारी दे दे की EPFO के सर्कुलर में यह बताया गया है की 1.9.2013 के बाद सरकारी नौकरी में शामिल होने वाले कर्मचारी की GIS कटौती को रोक दिया जाएगा।

EPFO का बड़ा कदम, ग्रुप इंश्‍योरेंस स्‍कीम कटौती बंद, क्या होगा असर?
EPFO का बड़ा कदम, ग्रुप इंश्‍योरेंस स्‍कीम कटौती बंद, क्या होगा असर?

यह नियम केवल 1.9.2013 के बाद शामिल हुए कर्मचारी के लिए लागू होता है। उससे पहले शामिल होने वाले कर्मचारियों के लिए यह नियम लागू नहीं होता। 1 सितंबर 2013 के बाद जितने भी कर्मचारी ईपीएफओ में शामिल हुए है। उनकी GIS कटौती नहीं की जाएगी। अगर उनके वेतन से कटौती की गई है तो वह उनको वापिस कर दी जाएगी।

सैलरी में होगी बढ़ोतरी

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विशेषज्ञों के अनुसार जिन कर्मचारियों का GIS कटौती रोक दिया गया है। उनके वेतन में वृद्धि की जाएगी। चांदना के द्वारा यह बताया गया है की GIS के तहत कटौती बंद होने से टेक-होम सैलरी में वास्तव में बढ़ोतरी होती है। पहले GIS कटौती के लिए कर्मचारियों के वेतन से कटौती की जाती थी। लेकिन अब यह योजना समाप्त कर दी गई है। जिसके कारण यह कटौती भी बंद कर दी गई है। जिसकी वजह से उनके अधिक सैलरी प्राप्त होगी।

हालांकि यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी। सर्किल ऑफ काउंसिल (लॉ फर्म) की सीनियर पार्टनर जैस्मीन यह बताती है की GIS कटौती के बंद होने से कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में वास्तव में बढ़ोतरी होगी। लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य यह जानना है की इसकी वजह से कर्मचारियों की मासिक वेतन में कितनी अंतर होगा। मासिक वेतन से काटी जाने वाली छोटी सी राशि रिटायरमेंट के समय एक बड़ी एक मुश्त राशि बन जाती है।

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सैलरी में बढ़ोतरी के साथ ही, इन कर्मचारियों को 1 सितंबर, 2013 के बाद या उनकी जॉइनिंग के बाद (जो भी पहले हो) की गई कटौती के बदले एक मुश्त रूप में राशि प्रदान की जाएगी। EPFO के सर्कुलर में यह जानकारी भी बताई गई है की अभी तक जिनकी कटौती की गई थी। वो कर्मचारियों ओ वापस कर दी जाएगी।

क्या है EPFO की GIS स्‍कीम?

सेंट्रल गवर्नमेंट ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम (GIS) 1 जनवरी, 1982 को सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम 1980 के नाम से लागू हुई। यह एक योजना है जो की ईपीएफओ के तहत आती है। इस योजना को श्रम और रोजगार मंत्रालय एवं भारत सरकार के द्वारा संचालित की जाती है। इस योजना का उद्देश्य कर्मचारी पर आश्रित को सामाजिक-आर्थिक तौर पर सुरक्षा प्रदान करना है।

GIS के तहत बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर उसके परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। जो की कर्मचारी की सेवा अवधि पर निर्भर करती है। किसी दुर्घटना पर मृत्यु एवं विकलांगता पर भी कई लाभ प्रदान किए जाते है। विशेषज्ञों का कहना है कि GIS को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, बल्कि 21 जून, 2024 की अधिसूचना में केवल निर्दिष्ट कर्मचारियों के लिए GIS कटौती को बंद करने की बात की गई है।

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