EPFO ने UAN को लेकर जारी किए ये निर्देश, जानिए डिटेल

EPFO ने खातों को फ्रीज/डी-फ्रीज करने के लिए नई SOP जारी की है, जिसमें वेरिफिकेशन की समय सीमा 30 दिन (बढ़ाकर 14 दिन तक) तय की गई है। यह प्रक्रिया खातों की सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए है, जिसमें विभिन्न कैटेगरीज के तहत खातों की निगरानी की जाएगी।

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Written by Rohit Kumar

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EPFO ने UAN को लेकर जारी किए ये निर्देश, जानिए डिटेल

नई दिल्ली: एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने खातों को फ्रीज या डी-फ्रीज करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (SOP) जारी किया है। EPFO ने किसी इंडीविजुअल या प्रतिष्ठान के अकाउंट के वेरिफिकेशन के लिए फ्रीज किए जाने वाले समय की लिमिट 30 दिन तक सेट कर दी है, जिसे 14 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। यह एसओपी 4 जुलाई, 2024 को जारी किया गया है।

EPF अकाउंट के फ्रीज होने का मतलब

फ्रीजिंग का मतलब कैटेगरीज को कई कामों को निष्क्रिय करना है:

  1. यूनिफाइड पोर्टल में लॉगिन करना (मेंबर/एंप्लॉयर)
  2. नया UAN बनाना या MID को पहले से मौजूद UAN से लिंक करना
  3. मेंबर प्रोफाइल और केवाईसी/एम्प्लॉयर DSC में कोई भी एडिशन या बदलाव
  4. किसी एमआईडी में Appendix-E, वीडीआर स्पेशल, वीडीआर ट्रांसफर-इन आदि के माध्यम से कोई भी डिपॉजिट
  5. क्लेम का कोई सेटलमेंट/फंड ट्रांसफर या निकासी
  6. एम्प्लॉयर/ऑथराइज्ड सिग्नटोरी के आधार/पैन/डीएससी के इस्तेमाल सहित समान पैन/जीएसटीएन आदि के आधार पर नए प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन

डी-फ्रीजिंग

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डी-फ्रीजिंग का मतलब है कि जिन कामों पर रोक लगाई गई है, उन्हें फिर से बहाल करना और एक तय टाइम लिमिट में वैरिफिकेशन के बाद सही पाया जाना।

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EPFO ने कहा कि विभिन्न कैटेगरीज इंडीविजुअल या MIDs/UANs/प्रतिष्ठानों के ग्रुप के क्लासिफिकेशन को दर्शाती हैं जिन्हें उचित वेरिफिकेशन की आवश्यकता होती है ताकि सही मेंबर्स के पैसे को सुरक्षित किया जा सके।

कैटेगरीज़:

  • Category A: MIDs/UANs/प्रतिष्ठान जिन्हें समय-समय पर हेडऑफिस द्वारा पहचाना जाता है और सूचित किया जाता है।
  • Category B: MIDs/UANs/प्रतिष्ठान जहां वास्तविक सदस्य के अलावा किसी अन्य को फंड ट्रांसफर या क्लेम के रूप में मेंबर प्रोफाइल और केवाईसी डिटेल में बदलाव सहित कोई धोखाधड़ीपूर्ण निकासी का प्रयास किया जाता है।
  • Category C: MIDs/UANs/जहां कंपीटेंट अथॉरिटी के अप्रूवल के बिना और/या इस संबंध में जारी निर्देशों का पालन किए बिना Appendix-E, वीडीआर स्पेशल, स्पेशल 10डी, वीडीआर ट्रांसफर-इन आदि के जरिए जमा किए गए हैं।

यह नई एसओपी खातों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है ताकि सदस्यों के पैसे को सुरक्षित रखा जा सके और धोखाधड़ी के मामलों को रोका जा सके।

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