
सरकारी कर्मचारी के बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता को बाल शिक्षा भत्ता यानी Children Education Allowance-CEA कहा जाता है। यह भत्ता केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों को दिया जाता है ताकि वे अपने बच्चों की स्कूली शिक्षा से जुड़े खर्चों को सरलता से वहन कर सकें। इसका लाभ नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की शिक्षा के लिए लिया जा सकता है।
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किन खर्चों की होती है प्रतिपूर्ति
CEA के अंतर्गत सरकार ट्यूशन फीस, एडमिशन फीस, प्रयोगशाला शुल्क, पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक्स, पुस्तकालय शुल्क, वर्दी और स्कूल द्वारा निर्धारित एक जोड़ी जूते तक की लागत की प्रतिपूर्ति करती है। विशेष विषय जैसे संगीत, कला, कंप्यूटर आदि से जुड़े शुल्क भी इस दायरे में आते हैं। हालांकि सभी दावों के लिए शुल्क रसीद या स्व-प्रमाणित विवरण अनिवार्य होता है।
दो बच्चों और सीमित उम्र तक मिलता है लाभ
इस भत्ते का लाभ अधिकतम दो बच्चों तक सीमित है। सामान्य बच्चों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 20 वर्ष और दिव्यांग बच्चों के लिए 22 वर्ष रखी गई है। किसी तीसरे बच्चे के लिए यह भत्ता केवल विशेष परिस्थितियों में अनुमति के बाद दिया जा सकता है।
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CEA और छात्रावास सब्सिडी की वर्तमान दरें
7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, CEA की वर्तमान दर प्रति बच्चा ₹2,250 प्रतिमाह है। वहीं यदि बच्चा छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा है तो ₹6,750 प्रतिमाह तक की छात्रावास सब्सिडी मिलती है। जब महंगाई भत्ता-DA 50% के पार जाता है तो इन दोनों भत्तों में 25% की स्वतः वृद्धि हो जाती है, जिससे ये राशि ₹2,812.50 और ₹8,437.50 हो जाती है।
कैसे करें दावा और क्या होते हैं दस्तावेज
CEA का दावा करने के लिए कर्मचारी को स्कूल से प्राप्त शुल्क रसीद या स्व-प्रमाणित आवेदन के साथ बच्चे के नाम, कक्षा, स्कूल का नाम, और शुल्क विवरण देना होता है। आवेदन साल में एक बार किया जा सकता है और इसे संबंधित कार्यालय में जमा करना होता है।
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