सेविंग अकाउंट में कैश जमा करने की लिमिट क्या है? इनकम टैक्स एक्ट के मुताबिक जानें अपडेट

Cash Deposit Limit in Savings Account के तहत यदि आप एक वित्तीय वर्ष में ₹10 लाख से अधिक जमा करते हैं, तो बैंक इसकी जानकारी आयकर विभाग को देता है। साथ ही, नकद निकासी, कैश गिफ्ट, रियल एस्टेट ट्रांजैक्शन सहित कई नकद लेनदेन पर Income Tax Act की कड़ी निगरानी रहती है। जानिए सभी नियम, TDS दरें और संभावित पेनल्टी की पूरी जानकारी।

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Written by Rohit Kumar

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सेविंग अकाउंट में कैश जमा करने की लिमिट क्या है? इनकम टैक्स एक्ट के मुताबिक जानें अपडेट
सेविंग अकाउंट

बचत खाते में नकद जमा करने की सीमा – Cash Deposit Limit in Savings Account – आयकर नियमों के अंतर्गत तय की जाती है ताकि बड़ी नकद लेन-देन की निगरानी हो सके और काले धन, टैक्स चोरी जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके। Indian Income Tax Act के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अपने सेविंग अकाउंट में ₹10 लाख या उससे अधिक की नकद राशि जमा करता है, तो बैंक इस जानकारी को Income Tax Department को रिपोर्ट करता है।

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इसी प्रकार, यदि किसी व्यक्ति का Current Account है तो उसकी रिपोर्टिंग सीमा ₹50 लाख तक होती है। इसका मतलब यह नहीं कि इन जमा राशियों पर तुरंत टैक्स लगेगा, लेकिन इतना जरूर है कि ये लेन-देन विभाग की नजर में आ जाते हैं।

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Section 194N के तहत नकद निकासी पर लगने वाला TDS

Section 194N के तहत नकद निकासी पर TDS लागू होता है। यदि कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में ₹1 करोड़ से अधिक की राशि निकालता है, तो उस पर 2% TDS कटता है। अगर किसी व्यक्ति ने पिछले तीन वर्षों में अपना Income Tax Return (ITR) फाइल नहीं किया है, तो उस पर यह नियम और सख्ती से लागू होता है – ₹20 लाख से अधिक निकासी पर 2% और ₹1 करोड़ से ऊपर की निकासी पर 5% TDS काटा जाता है।

यह TDS आपकी आय नहीं मानी जाती, बल्कि इसे आप ITR फाइल करते समय टैक्स क्रेडिट के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

Section 269ST के अंतर्गत कैश प्राप्त करने की सीमा

Section 269ST के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को एक वित्तीय वर्ष या एक लेनदेन में ₹2 लाख या उससे अधिक नकद प्राप्त होता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, यह नियम बैंक से नकद निकासी पर लागू नहीं होता, लेकिन TDS की शर्तें लागू होती हैं।

Sections 269SS और 269T में नकद ऋण लेने-देने पर प्रतिबंध

Income Tax Act की धारा 269SS और 269T के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति ₹20,000 या उससे अधिक की नकद ऋण लेता या लौटाता है, तो उस पर उतनी ही राशि का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह नियम लोगों को कैश में ऋण लेनदेन करने से रोकने के लिए बनाया गया है।

44AD/44ADA और Section 68 के अंतर्गत नकद जमा की जांच

अगर आप व्यापार करते हैं और आपका टर्नओवर Section 44AD या 44ADA के अंतर्गत आता है, तो आपके खाते में जमा की गई नकद राशि पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा, जब तक वह टर्नओवर से मेल खाती हो। लेकिन अगर जमा की गई राशि का स्रोत स्पष्ट नहीं है, तो Section 68 के तहत नोटिस आ सकता है और 60% टैक्स, 25% सरचार्ज और 4% सेस लग सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण नकद लेनदेन सीमाएं

बाजार में कई तरह के नकद लेनदेन होते हैं और इन पर अलग-अलग नियम लागू होते हैं:

चालू खाते में नकद जमा सीमा

व्यापारिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले चालू खातों में नकद जमा की सीमा अधिक होती है। उदाहरण के लिए, SBI में यह सीमा ₹5 लाख से लेकर ₹100 करोड़ प्रति माह तक है। HDFC बैंक में यह ₹60 लाख या मासिक औसत बैलेंस (AMB) के 10 गुना तक होती है।

नकद लेनदेन की सीमा

नकद लेनदेन की दैनिक सीमा ₹2 लाख तय की गई है। यह सीमा Section 269ST के अंतर्गत आती है। यह निकासी, भुगतान और ट्रांसफर पर लागू होती है।

नकद निकासी सीमा

यदि आपके पास तीन अलग-अलग बैंकों में खाते हैं, तो आप प्रत्येक बैंक से ₹1 करोड़ की निकासी कर सकते हैं, कुल मिलाकर ₹3 करोड़ की निकासी पर कोई TDS नहीं लगेगा।

नकद उपहार सीमा

यदि आपको एक वित्तीय वर्ष में कुल ₹50,000 तक के उपहार मिलते हैं, तो वह टैक्स फ्री होते हैं। वहीं माता-पिता, जीवनसाथी, भाई-बहन जैसे करीबी रिश्तेदारों से मिले किसी भी मूल्य के उपहार पर टैक्स नहीं लगता।

फिक्स्ड डिपॉजिट सीमा

टैक्स सेविंग FD में आप ₹100 से शुरुआत कर सकते हैं और अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा कर सकते हैं, जिस पर आयकर अधिनियम के तहत छूट मिलती है।

क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट

यदि आप नकद के माध्यम से क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाते हैं, तो SBI और HDFC जैसे बैंकों में दैनिक सीमा ₹50,000 और प्रति ट्रांजैक्शन सीमा ₹25,000 के आसपास होती है।

रियल एस्टेट लेनदेन में नकद सीमा

भारत में प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में नकद लेनदेन पर सख्त नियम हैं। कोई भी ₹20,000 से अधिक की नकद राशि स्वीकार नहीं कर सकता। Section 269SS के अनुसार, ऐसा करने पर 100% पेनल्टी लग सकती है। हालांकि, यदि आप बिक्री विलेख में इस नकद लेनदेन का उल्लेख करते हैं और यह सीमा से कम है, तो यह वैध होता है।

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