
सरकारी कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का लाभ मिलता है। ग्रेच्युटी का लाभ प्राइवेट और सरकारी दोनों ही क्षेत्रों में मिलता है, लेकिन दोनों में कई महत्वपूर्ण अंतर हैं। सरकारी कर्मचारियों को या तो सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी होने पर ग्रेच्युटी दी जाती है या फिर किसी कर्मचारी की अचानक मृत्यु होने पर उनके परिवार को यह धनराशि प्रदान की जाती है।
यह भी देखें: New Tax Regime में NPS vs EPF: कहां मिलेगा ज्यादा फायदा? टैक्स सेविंग की पूरी कैलकुलेशन जानें
ग्रेच्युटी मिलने की शर्तें
सरकारी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ उनकी सेवा समाप्त होने के बाद मिलता है। वहीं, प्राइवेट सेक्टर में इस लाभ के लिए कर्मचारियों को कम से कम पांच वर्षों तक लगातार एक ही कंपनी में कार्यरत रहना अनिवार्य होता है। ग्रेच्युटी की गणना कर्मचारी के अंतिम बेसिक वेतन के आधार पर की जाती है। इसके लिए सरकार ने कुछ विशिष्ट नियम बनाए हैं, जो ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के अंतर्गत आते हैं।
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला
हरियाणा सरकार ने हाल ही में सरकारी कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। हरियाणा सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2016 में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत ग्रेच्युटी की राशि में 25% की वृद्धि की गई है। इस संशोधन के तहत अब अधिकतम ग्रेच्युटी राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। यह वृद्धि जनवरी 2024 से प्रभावी मानी जाएगी।
हजारों कर्मचारियों को होगा सीधा लाभ
हरियाणा सरकार के इस निर्णय से राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। अभी तक किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु या सेवानिवृत्ति के बाद अधिकतम 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी मिलती थी, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। इस फैसले को कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूरी दी जा चुकी थी और अब इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
यह भी देखें: EPF withdrawal limit: EPFO ने बदला कैश विड्रॉल का नियम, अब दोगुना पैसा निकाल सकेंगे
सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में ग्रेच्युटी का अंतर
- सेवा अवधि: सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय ही ग्रेच्युटी मिलती है, जबकि प्राइवेट कर्मचारियों को पांच साल की सेवा के बाद यह लाभ मिलता है।
- राशि की गणना: सरकारी कर्मचारियों के मामले में ग्रेच्युटी की गणना उनकी अंतिम बेसिक सैलरी के आधार पर होती है।
- अधिकतम सीमा: सरकार ने अब इसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया है, जबकि निजी कंपनियों में इसकी सीमा कंपनी के नियमों पर निर्भर करती है।
इस निर्णय का महत्व
हरियाणा सरकार का यह निर्णय सरकारी कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगा। यह कदम उन कर्मचारियों के लिए राहत भरा है, जो अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग कर रहे हैं। इसके अलावा, यह उन कर्मचारियों के परिवारों के लिए भी सहायक होगा, जिनकी नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है।
यह भी देखें: रिटायरमेंट के बाद पेंशन की नो टेंशन! ये 5 स्कीम्स हर महीने देंगी गारंटीड कमाई