पत्नी को ट्रांसफर किया कैश? इनकम टैक्स का आ सकता है नोटिस, जानिए क्या कहता है नियम

पति-पत्नी के बीच कैश ट्रांसफर को अब हल्के में न लें! ₹20,000 से ज्यादा की नकद रकम देने पर Income Tax का शिकंजा कस सकता है। जानिए वो कानून जो आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। इन आसान लेकिन जरूरी नियमों को जानना है जरूरी, वरना एक नोटिस आपकी नींद उड़ा सकता है!

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Written by Rohit Kumar

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पति-पत्नी के बीच कैश ट्रांसफर को अब हल्के में न लें! ₹20,000 से ज्यादा की नकद रकम देने पर Income Tax का शिकंजा कस सकता है। जानिए वो कानून जो आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। इन आसान लेकिन जरूरी नियमों को जानना है जरूरी, वरना एक नोटिस आपकी नींद उड़ा सकता है!

अक्सर लोग यह मानकर चलते हैं कि पति-पत्नी के बीच पैसा ट्रांसफर करना पूरी तरह निजी मामला है और इस पर कोई टैक्स नियम लागू नहीं होते। लेकिन सच्चाई यह है कि Income Tax Department ऐसे लेन-देन पर भी नज़र रखता है, खासकर जब इसमें नकद लेन-देन (Cash Transactions) शामिल हो। यदि आपने अपनी पत्नी को ₹20,000 से अधिक की नकद राशि ट्रांसफर की है, तो यह इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) की धारा 269SS और 269T के अंतर्गत आ सकता है।

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धारा 269SS और 269T में क्या है प्रावधान

Section 269SS कहता है कि कोई भी व्यक्ति ₹20,000 से अधिक की नकद राशि उधार या डिपॉजिट के रूप में नहीं ले सकता। वहीं, Section 269T इसी तरह की राशि की नकद वापसी पर पाबंदी लगाता है। हालांकि, पति-पत्नी के बीच ये ट्रांजैक्शन “निकट संबंध” की श्रेणी में आते हैं, लेकिन आयकर विभाग का ध्यान तब जाता है जब ऐसा लेन-देन बार-बार हो या उसका कोई व्यापारिक या निवेशीय उद्देश्य हो।

Gift और Clubbing Rule के कारण बढ़ सकती है टैक्स लायबिलिटी

अगर पति अपनी पत्नी को पैसा “Gift” के रूप में देता है, तो उस पैसे से होने वाली आय (Income) जैसे ब्याज, रेंट या निवेश से मिलने वाला लाभ पति की Taxable Income में जोड़ा जाएगा। इसे ही Clubbing of Income कहा जाता है। ऐसे में अगर पत्नी ने उस पैसे से Fixed Deposit, Mutual Funds या कोई संपत्ति खरीदी है, तो उससे होने वाली आय का टैक्स पति को देना होगा।

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कैश ट्रांजैक्शन से जुड़ा नोटिस क्यों आ सकता है

यदि कोई व्यक्ति बार-बार या बड़ी रकम में नकद लेन-देन करता है और उसका रिकॉर्ड बैंकिंग चैनल में नहीं दिखता, तो Income Tax Department उसे “Suspicious Transaction” मान सकता है। ऐसे मामलों में विभाग की ओर से नोटिस (Income Tax Notice) भेजा जा सकता है और स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। खासकर अगर आपके बैंक खाते में किसी अन्य के द्वारा बड़ी रकम ट्रांसफर की गई है या कैश जमा हुआ है।

बचाव के तरीके

अगर आप पत्नी को आर्थिक सहायता देना चाहते हैं, तो Bank Transfer, UPI, NEFT, RTGS जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करें। साथ ही यह स्पष्ट रूप से दर्ज करें कि यह राशि Gift है या Loan। यदि यह गिफ्ट है, तो एक Gift Deed बनाना बेहतर रहेगा ताकि भविष्य में टैक्स विभाग को दस्तावेजी प्रमाण दिखाया जा सके।

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