
Income Tax Return-ITR फाइल करने के कुछ समय बाद जब आपके पास Section 143(1) के तहत एक इन्टिमेशन नोटिस आता है, तो कई लोग घबरा जाते हैं। लेकिन दरअसल, यह नोटिस आयकर विभाग द्वारा आपकी रिटर्न की कंप्यूटराइज्ड प्रोसेसिंग का हिस्सा होता है। इसका मकसद यह जांचना होता है कि आपकी तरफ से दिए गए आंकड़े सही हैं या नहीं, और क्या आपको कोई टैक्स देना है या रिफंड बनता है।
यह भी देखें: Children Education Allowance: कैसे करें क्लेम, कितनी मिलती है राशि? पूरी जानकारी यहां
आईटीआर इन्टिमेशन के मुख्य प्रकार
Section 143(1) के तहत मिलने वाले इन्टिमेशन तीन प्रमुख परिणामों में से एक हो सकते हैं। पहला, अगर आपकी फाइल की गई रिटर्न और आयकर विभाग की गणना में कोई अंतर नहीं है, तो इसे “No Demand, No Refund” माना जाता है। दूसरा, अगर विभाग को लगता है कि आपने कम टैक्स दिया है, तो “Demand Notice” जारी होता है। तीसरा, अगर आपने ज़्यादा टैक्स भर दिया है, तो “Refund Intimation” जारी होता है।
इन्टिमेशन में दिए गए आंकड़े कैसे समझें
इस Notice में आपकी कुल आय, टैक्स की गणना, TDS, और बाकी डिडक्शंस का पूरा विवरण होता है। यह कंप्यूटर जनरेटेड होता है और आपके ईमेल या इनकम टैक्स अकाउंट में आता है। इस इन्टिमेशन को ध्यान से पढ़ना ज़रूरी होता है ताकि किसी भी तरह की गलती को समय रहते सुधारा जा सके।
यह भी देखें: सिर्फ 1 मिस्ड कॉल में पता करें PF बैलेंस, EPFO ने दिया आसान तरीका – जानें SMS से भी कैसे मिलेगी पूरी डिटेल
अगर गलती हो तो क्या करें?
कई बार ऐसा होता है कि विभाग की गणना और आपकी गणना में अंतर आ जाता है। ऐसे में आप Rectification Request दाखिल कर सकते हैं। यह काम आपको इनकम टैक्स पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करना होता है। Rectification Request तभी करें जब आप सुनिश्चित हों कि विभाग की तरफ से कोई त्रुटि हुई है।
Section 143(1) Notice मिलने के बाद क्या होगा अगला कदम
अगर Notice में कोई रिफंड दर्शाया गया है, तो कुछ नहीं करना होता—रिफंड अपने आप आपके बैंक खाते में आ जाएगा। यदि Notice में डिमांड दिखाई गई है, तो तय समय सीमा के भीतर टैक्स जमा करें। और यदि कोई गलती है, तो Rectification के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। हर स्थिति में Notice को नजरअंदाज न करें।
यह भी देखें: EPS पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! EPFO 3.0 से सभी समस्याएं अब बस 1 दिन में होंगी हल – जानें कैसे