
सरकारी सेवा में कार्यरत डॉक्टरों को मिलने वाला Non-Practicing Allowance-NPA एक विशेष भत्ता है, जो उन्हें निजी प्रैक्टिस न करने के एवज में दिया जाता है। यह भत्ता डॉक्टरों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और उन्हें सरकारी सेवा में बने रहने के लिए प्रोत्साहित करता है। NPA डॉक्टरों के बेसिक वेतन का 20% तक हो सकता है, लेकिन इसे कुछ शर्तों के साथ लागू किया जाता है, जिनकी जानकारी जानना हर सरकारी डॉक्टर के लिए जरूरी है।
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कैसे तय होता है NPA का गणना फार्मूला
डॉक्टरों के वेतन में NPA की गणना उनके मूल वेतन के आधार पर की जाती है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के अनुसार, यह 20% तक हो सकता है, परन्तु यह सुनिश्चित किया जाता है कि मूल वेतन और NPA का कुल योग ₹2,37,500 से अधिक न हो। यही सीमा उच्चतम स्तर के चिकित्सा अधिकारियों पर भी लागू होती है।
किन विभागों को मिलता है NPA
NPA का लाभ स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा, डेंटल, आयुष और पशुपालन विभाग के उन डॉक्टरों को दिया जाता है जो पूरी तरह से सरकारी सेवा में कार्यरत हैं और निजी प्रैक्टिस नहीं करते। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार और अधिकांश राज्य सरकारों के अंतर्गत आने वाले डॉक्टर शामिल होते हैं।
किन राज्यों में बदला गया है NPA का प्रावधान
हाल के वर्षों में कुछ राज्य सरकारों ने NPA की नीति में बदलाव किया है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने मई 2023 में घोषणा की कि अब नए नियुक्त डॉक्टरों को NPA नहीं मिलेगा। यह निर्णय राज्य के राजकोषीय प्रबंधन और सरकारी खर्चों को कम करने के उद्देश्य से लिया गया था। इससे यह साफ होता है कि NPA की नीति समय-समय पर राज्यों की नीतियों के अनुसार बदल सकती है।
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NPA लेने की शर्तें और दायित्व
NPA लेने वाले डॉक्टरों को यह शपथ लेनी होती है कि वे निजी प्रैक्टिस नहीं करेंगे। यदि कोई डॉक्टर NPA लेते हुए निजी प्रैक्टिस करता पाया जाता है, तो यह आचरण नियमों का उल्लंघन माना जाता है और उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह नियम डॉक्टरों की निष्ठा और सरकारी सेवा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
क्या NPA भी अन्य भत्तों की तरह मान्य है?
NPA को कुछ हद तक महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) और पेंशन संबंधी गणनाओं में शामिल किया जाता है, लेकिन हर प्रकार के भत्तों की गणना में इसे नहीं जोड़ा जाता। उदाहरण के लिए, HRA (House Rent Allowance) की गणना में यह शामिल नहीं किया जाता। यह तकनीकी रूप से एक विशेष प्रकार का भत्ता है जो केवल चिकित्सा सेवाओं से जुड़े सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है।
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