इनकम टैक्स

ITR का आया इन्टिमेशन नोटिस? Section 143(1) के तहत मिला ITR इन्टिमेशन – जानिए क्या करें आगे

ITR का आया इन्टिमेशन नोटिस? Section 143(1) के तहत मिला ITR इन्टिमेशन – जानिए क्या करें आगे

Section 143(1) का इन्टिमेशन नोटिस कई लोगों के लिए डरावना बन जाता है, लेकिन यह टैक्स रिटर्न की प्रोसेसिंग का सामान्य हिस्सा है। इसमें रिफंड, डिमांड या कोई अंतर नहीं जैसी स्थिति सामने आती है। जानिए कैसे इस Notice को समझें, क्या करें अगला कदम और कैसे बचें संभावित जुर्माने से!

ITR फाइल नहीं करना पड़ेगा! सीनियर सिटिज़न को बड़ी राहत, 2025 के नियम जानें

ITR फाइल नहीं करना पड़ेगा! सीनियर सिटिज़न को बड़ी राहत, 2025 के नियम जानें

2025 से 75 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को ITR फाइल करने से छूट दी गई है, यदि उनकी आय केवल पेंशन और संबंधित बैंक के ब्याज तक सीमित हो। बैंक ही अब उनकी टैक्स देनदारी तय करेगा और ITR की जरूरत नहीं होगी। नई टैक्स सीमा और TDS में भी छूट दी गई है, जिससे टैक्स प्रक्रिया और भी सरल बन गई है।

2025 में सेक्शन 44AA, 44AB, 44AD, 44ADA के टैक्स नियमों में बड़े बदलाव—जानें कैसे होगा असर

2025 में सेक्शन 44AA, 44AB, 44AD, 44ADA के टैक्स नियमों में बड़े बदलाव—जानें कैसे होगा असर

सरकार ने छोटे कारोबारियों और पेशेवरों के लिए टैक्स की धारा 44AA, 44AB, 44AD, 44ADA में किए बड़े बदलाव—जानें कैसे बदल जाएंगे टैक्स ऑडिट, बहीखाता और अनुमानित आय के नियम। ये जानकारी जानना हर टैक्सपेयर्स के लिए बेहद जरूरी है!

पुराना या नया टैक्स Regime? जानें साल में कितनी बार बदल सकते हैं सिस्टम, वरना हो सकता है नुकसान!

पुराना या नया टैक्स Regime? जानें साल में कितनी बार बदल सकते हैं सिस्टम, वरना हो सकता है नुकसान!

पुराना या नया टैक्स Regime चुनना एक जरूरी वित्तीय निर्णय है। वेतनभोगी हर साल बदलाव कर सकते हैं, जबकि व्यवसायी सिर्फ एक बार। सही समय पर फॉर्म 10-IEA भरना अनिवार्य है, वरना डिफॉल्ट रूप से New Regime लागू हो जाएगी। टैक्स डिडक्शन, इनकम और योजनाओं के आधार पर Regime का चुनाव करें और गलती से बचें जो भविष्य में टैक्स बोझ बढ़ा सकती है।

TDS रेट चार्ट 2024-25: सैलरी, FD, रेंट और प्रोफेशनल फीस पर कितना कटेगा टैक्स? पूरी लिस्ट देखें

TDS रेट चार्ट 2024-25: सैलरी, FD, रेंट और प्रोफेशनल फीस पर कितना कटेगा टैक्स? पूरी लिस्ट देखें

अगर आप सैलरी पाते हैं, FD में निवेश करते हैं या किराए की आमदनी है, तो इस बार कितना TDS कटेगा, ये जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। टैक्स नियमों में छिपी बारीकियां आपके हजारों रुपए बचा सकती हैं। जानिए हर सेक्शन का पूरा ब्रेकडाउन, ताकि न हो कोई टैक्स सरप्राइज!

FD का ब्याज टैक्स फ्री है या नहीं? जानिए वो सच्चाई जो बैंक आपको नहीं बताते!

FD का ब्याज टैक्स फ्री है या नहीं? जानिए वो सच्चाई जो बैंक आपको नहीं बताते!

क्या आपको लगता है कि फिक्स्ड डिपॉज़िट-FD का ब्याज टैक्स फ्री है? अगर हां, तो सावधान हो जाइए! सच्चाई कुछ और ही है, जो बैंक जानबूझकर नहीं बताते। इस लेख में जानिए वो जरूरी बातें जो हर FD निवेशक को पता होनी चाहिए, ताकि आप अनजाने में टैक्स पेनल्टी से बच सकें और समझदारी से निवेश करें।

Section 139(9): ITR में गलती की तो मिलेगा डिफेक्टिव रिटर्न का नोटिस! जानिए बचने और सुधारने का तरीका

Section 139(9): ITR में गलती की तो मिलेगा डिफेक्टिव रिटर्न का नोटिस! जानिए बचने और सुधारने का तरीका

सेक्शन 139(9) के तहत अगर आपकी ITR में कोई गलती या अधूरी जानकारी पाई जाती है तो आयकर विभाग आपको डिफेक्टिव रिटर्न नोटिस भेजता है। इसका जवाब 15 दिन के अंदर देना जरूरी होता है, नहीं तो आपकी रिटर्न अमान्य मानी जा सकती है। सही जानकारी के साथ जवाब देकर आप इस स्थिति को आसानी से सुलझा सकते हैं।

Income Tax पोर्टल से आया ‘Outstanding Demand’ का मेल? जानिए इसका असली मतलब और कैसे करें निपटारा

Income Tax पोर्टल से आया 'Outstanding Demand' का मेल? जानिए इसका असली मतलब और कैसे करें निपटारा

यदि आपको आयकर विभाग से ‘Outstanding Demand’ नोटिस प्राप्त हुआ है, तो घबराने की बजाय आयकर पोर्टल पर लॉगिन कर उसकी पुष्टि करें और समय पर उत्तर दें। चाहे आप मांग से सहमत हों या असहमत, दोनों स्थितियों में उचित दस्तावेज़ों के साथ उत्तर देना ज़रूरी है। देरी करने पर ब्याज और दंड की संभावना रहती है, इसलिए समय पर कार्रवाई करना ही सही रास्ता है।

Section 143(1)(a) का नोटिस आया? Proposed Adjustment को ऐसे करें समझ और समाधान

Section 143(1)(a) का नोटिस आया? Proposed Adjustment को ऐसे करें समझ और समाधान

Income Tax Notice u/s 143(1)(a) रिटर्न फाइल करने के बाद टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के आधार पर भेजा जाता है। यह नोटिस संभावित एडजस्टमेंट की जानकारी देता है, जिसमें टैक्सपेयर को जवाब देने और सुधार का अवसर मिलता है। इसमें गलत दावा, गणनात्मक त्रुटि या TDS मेल न खाने जैसी स्थितियां शामिल होती हैं। इस लेख में पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है।

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