CGHS डिस्पेंसरी में पेंशनधारकों के साथ दुर्व्यवहार: एक गंभीर समस्या

CGHS डिस्पेंसरी में पेंशनधारकों और उनके परिवारजनों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कर्मचारियों द्वारा धमकी और अपशब्द का सामना करना पड़ता है। केंद्र सरकार ने आदेश जारी किए हैं, परंतु उनके पालन में कमी है। सख्त कार्रवाई और उचित निगरानी की आवश्यकता है।

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Written by Rohit Kumar

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CGHS (Central Government Health Scheme) के तहत पेंशनधारकों और उनके परिवारजनों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। लेकिन हाल ही में, पेंशनधारकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसी ही दो ताजा घटनाओं पर नजर डालते हैं जो पेंशनधारकों और उनके परिवारजनों के लिए अत्यंत कष्टकारी साबित हुई हैं।

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CGHS डिस्पेंसरी में पेंशनधारकों के साथ दुर्व्यवहार: एक गंभीर समस्या
CGHS डिस्पेंसरी में पेंशनधारकों के साथ दुर्व्यवहार: एक गंभीर समस्या

CGHS डिस्पेंसरी में पेंशनधारकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं। केंद्र सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि पेंशनधारकों और उनके परिवारजनों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाए। इसके लिए सख्त नियम और उनके अनुपालन की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि पेंशनधारक और उनके परिवारजन बिना किसी परेशानी के स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

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पहली घटना: CGHS डिस्पेंसरी में धमक

एक बुजुर्ग पेंशनर का बेटा सुबह 10 बजे CGHS डिस्पेंसरी में दवाई लेने पहुंचा। टोकन के लिए लाइन में लगे पेंशनर के बेटे का नंबर आने पर वहाँ का कर्मचारी फोन पर बातें करने लगा। कुछ देर बाद, कर्मचारी वहां से निकलने की कोशिश करने लगा। पेंशनर के बेटे ने विनम्रता से अपना काम पहले करने का अनुरोध किया, लेकिन उसे धमकी दी गई और कहा गया कि वह चुपचाप खड़ा रहे। उसके बाद, एक अन्य स्टाफ मेंबर अपने काम के लिए आ गया और पेंशनर के बेटे की पुनः विनती पर कर्मचारी झल्ला गया और चिल्लाने लगा कि वे पहले स्टाफ का काम करेंगे। इस प्रकार की घटनाएं प्रतिदिन घटित होती हैं।

दूसरी घटना: बुजुर्ग पेंशनर के साथ दुर्व्यवहार

एक अन्य बुजुर्ग पेंशनर को रेफरल लेटर पर केवल सील लगवानी थी। लेकिन कर्मचारी कंप्यूटर पर गेम खेलने में व्यस्त था। पेंशनर की बार-बार विनती करने पर कर्मचारी ने झल्लाकर लेटर लिया और सील लगाकर मुँह पर फेंक दिया। फिर से कर्मचारी गेम खेलने में व्यस्त हो गया।

बुढापे में अपशब्द सुनने को मजबूर

इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि जीवनभर सरकारी सेवा देने के बाद पेंशनधारकों को बुढ़ापे में अपशब्द सुनने पड़ते हैं। CGHS डिस्पेंसरी के कर्मचारी न केवल दुर्व्यवहार करते हैं बल्कि पेंशनधारकों और उनके परिवारजनों के साथ गाली-गलौज भी करते हैं। यह निंदनीय है और ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

केंद्र सरकार का आदेश

जब इस प्रकार की शिकायते केंद्र सरकार तक पहुँचती है, तो सरकार केवल आदेश जारी कर देती है लेकिन उनका उचित हल नहीं करती पिछले आदेश में कहा गया था, कि CGHS डिस्पेंसरी के कर्मचारी बुजुर्ग पेंशनधारकों और उनके परिवारजनों के साथ अच्छे से व्यवहार करें और आदर की भावना रखकर उनकी समस्याओं का समाधान करें। लेकिन इसके बावजूद, इस प्रकार की घटनाएं लगातार हो रही है।

केंद्र सरकार की गाइडलाइन

केंद्र सरकार ने CGHS डिस्पेंसरी के लिए कुछ गाइडलाइन जारी की हैं, जिन्हे पेंशनधारकों और उनके परिवारजनों को जानना बेहद जरुरी है ताकि उनके साथ ऐसी घटनाएं न हो, यहाँ कुछ महत्पूर्ण प्रश्नोत्तर दिए जा रहे हैं।

1) CGHS डिस्पेंसरी का कर्मी कंप्यूटर में गेम खेल सकता है?
नहीं, सरकारी ऑफिस के समय, सरकारी कंप्यूटर पर गेम नहीं खेल सकते। ऐसी घटना सामने आने पर कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

2) CGHS डिस्पेंसरी का स्टाफ यदि पेंशनभोगी का काम नहीं सुनता है और उन्हें अपशब्द कहता है तो क्या कार्रवाई हो सकती है?
CGHS डिस्पेंसरी का कर्मचारी किसी भी प्रकार की धमकी या अपशब्द पेंशनभोगी को नहीं दे सकता। उनका काम है पेंशनधारक की बात सुनना और उनकी मदद करना। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो शिकायत मिलने पर उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

3) CGHS डिस्पेंसरी में प्राथमिकता किसे दी जाती है?
CGHS डिस्पेंसरी में पेंशनधारक और उनके परिजन को प्राथमिकता दी जाती है। वहाँ के स्टाफ को प्रमुखता देने की बात कहना उचित नहीं है।

4) वहाँ के स्टाफ और उनके परिचितों को बिना लाइन में लगे दवाई दी जा सकती है?
नहीं, पेंशनधारक या उनके परिजनों को अलग करके वहाँ के स्टाफ को पहले दवा नहीं दी जा सकती। उन्हें भी नंबर लगाना पड़ेगा या खाली होने पर ही दवा दी जा सकती है।

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